हनुमानगढ। सामाजिक कुरीतियों को तोड़ते हुए और एक नई मिसाल कायम करते हुए, हनुमानगढ़ में एक सादगीपूर्ण विवाह समारोह संपन्न हुआ, जिसमें दहेज के नाम पर केवल एक रुपया व नारियल लिया गया।
इस पावन अवसर पर बड़ी लाड़ली ममता और छोटी लाड़ली कंचन का विवाह संपन्न हुआ। ममता का विवाह प्रदीप पुत्र डां शिशपाल के साथ संपन्न हुआ, जबकि कंचन का विवाह प्रवीण पुत्र डॉ. शिशपाल के साथ हुआ। समारोह में न केवल रिश्तेदार बल्कि समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया और इस अनुकरणीय पहल की सराहना की। विवाह में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए एक लाख 51 हजार रुपये की थाली रखने के उपरांत नारियल उठाने की रस्म पूरी की गई, जिसे वापिस लोटाया गया और मात्र 1 रूपये और 1 नारियल में समपन्न करवाया गया। इस विवाह की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसे पूरी तरह दहेज मुक्त रखा गया, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। जानकारी देने वाले लक्ष्मण देड़ावत सावर और रामप्रताप उर्फ प्रकाशनाथ राष्ट्रीय अध्यक्ष भाट समाज ने बताया कि इस विवाह से समाज में एक नई सोच को बढ़ावा मिलेगा और दहेज प्रथा को समाप्त करने का संदेश दिया जाएगा। समाज के लोगों ने इस विवाह की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे एक आदर्श उदाहरण बताया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
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