गांव लोगेवाला में गुरूघर विवाद सुलझा, प्रशासन की मध्यस्ता से हुआ समाधान

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हनुमानगढ़। पीलीबंगा तहसील के लोगेवाला गांव में 29 मार्च को गुरूघर को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद का पटाक्षेत्र मंगलवार को प्रशासन की सक्रिय मध्यस्ता से सुलझा लिया गया। इस विवाद ने दो दिनों तक गांव में तनाव का माहौल बना दिया था, लेकिन प्रशासनिक हस्तक्षेप और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कोशिशों से स्थिति में सुधार हुआ और मामला सुलझ गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा की पहल पर गांव के विभिन्न जनप्रतिनिधि जैसे मनोज बेनीवाल, जसविन्द्र धालीवाल, आशीष पारीक और सुनील क्रांति ने दोनों पक्षों को एक मंच पर लाकर बातचीत की। सभी ने अपने-अपने विचार रखे और अंततः एक समझौता हुआ। इस बातचीत के बाद गुरूद्वारे की देखरेख का कार्य जत्थेदार बाबा राज सिंह को सौंपने का निर्णय लिया गया, जिसे दोनों पक्षों ने सहमति दी। गौरतलब है कि यह विवाद दो पक्षों के बीच गुरूघर की देखरेख को लेकर था, जिसके कारण गांव में कुछ समय के लिए आपसी झड़पें हुईं और मनमुटाव की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि, प्रशासनिक हस्तक्षेप ने इस स्थिति को शांत किया और दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य स्थापित हुआ।
समाजसेवियों और धार्मिक नेताओं का इस मामले में बड़ा योगदान रहा। समस्त प्रमुख बाबा कृपाल सिंह मलोट और बाबा भीरा सिंह ने इस फैसले को समर्थन दिया। साथ ही, दोनों ने नवनियुक्त जत्थेदार बाबा राज सिंह को सरोपा भेंट कर और सरबत के भले की अरदास की। इसके साथ ही, गांव में शांतिपूर्ण माहौल लौट आया और विवाद का समाधान हो गया। इस घटनाक्रम के बाद गांव में फिर से शांति और सौहार्द्र का वातावरण बन गया है। प्रशासन की समय रहते की गई कार्रवाई और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से लोगेवाला गांव में फिर से सामान्य स्थिति बहाल हो गई है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस फैसले के बाद इस प्रकार के विवाद भविष्य में नहीं होंगे और गांव में सामूहिक एकता और भाईचारे की भावना को और बढ़ावा मिलेगा।

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