हनुमानगढ़। जिले में अवैध रूप से संचालित मीट की दुकानों के खिलाफ स्नातनी, वैष्णव और बिश्नोई समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि हनुमानगढ़, पीलीबंगा, संगरिया, रावतसर, टिब्बी, नोहर, भादरा और पल्लू सहित विभिन्न स्थानों पर बिना लाइसेंस के अवैध रूप से मीट की दुकानें चलाई जा रही हैं, जहां खुलेआम पशु क्रूरता हो रही है। जीव प्रेमी सुमित बिश्नोई लाखासर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इन दुकानों पर न केवल अधमरे पशुओं को लटकाया जाता है, बल्कि प्रतिबंधित वन्य जीवों जैसे खरगोश, हिरण और लोमड़ी का मांस भी बेचा जा रहा है। इन दुकानों से उठने वाली दुर्गंध और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किए गए पशु अवशेषों से राहगीरों को असुविधा हो रही है। विशेष रूप से बच्चों और शाकाहारी लोगों को इसका गहरा मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव झेलना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि इन दुकानों को तुरंत हटाया जाए, साथ ही लाइसेंसधारी दुकानदारों को भी निर्देशित किया जाए कि वे खुले में पशु अवशेष न लटकाएं और वैज्ञानिक परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं वे प्रतिबंधित वन्य जीवों का मांस तो नहीं बेच रहे हैं। समाज के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन को कई बार इस मुद्दे से अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि प्रशासन जल्द ही इस मामले में उचित कदम नहीं उठाता है, तो समाज को मजबूरन धरना-प्रदर्शन और अनशन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसके कारण यदि जिले में शांति व्यवस्था भंग होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट विक्रम बिश्नोई, सुमित बिश्नोई, अनिल शर्मा, कमलेश भादू, ओमप्रकाश बिश्नोई, अनिल बिश्नोई, कुलदीप चनणका, भूपेंदर हासलिया, विष्णु डेलू, विकास धारणीया, कुलदीप, दिनेश, भाला लखूवाली, काशी बिश्नोई, सोनू, रवि सहारण, आकाश सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और प्रशासन से अवैध रूप से संचालित इन दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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