हनुमानगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक की सटीकता को लेकर उठी मांग

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हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ जिला ईंट भट्टा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि हनुमानगढ़ शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के सही आकलन के लिए मोबाइल मॉनिटरिंग वैन का उपयोग किया जाए। तिवाड़ी ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से इस मांग को रखा, जिसमें यह बताया गया है कि वर्तमान में शहर में वायु गुणवत्ता का आकलन करने के लिए स्थापित Continuous Ambient Air Quality Monitoring System (CAAQMS) का स्थान उपयुक्त नहीं है, जिससे वायु गुणवत्ता मापन के आंकड़े भ्रामक हो सकते हैं।
हनुमानगढ़ जंक्शन के सेक्टर-12, वार्ड नंबर-13 स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में यह मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किया गया है। यह स्थान शहर के केंद्र में स्थित है, जहां वाहनों की भारी आवाजाही, निर्माण कार्य, और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है। इस वजह से हनुमानगढ़ का नाम विश्व के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में 12वें स्थान पर आ गया है, जिससे स्थानीय उद्योगों और आमजन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
तिवाड़ी ने बताया कि स्टेशन का स्थान शहर के समग्र प्रदूषण स्तर को दर्शाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने इसके कुछ प्रमुख कारण भी गिनाए जिसमे स्टेशन के पास वाहनों का अत्यधिक आवागमन होता है, जिससे वहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक स्वाभाविक रूप से ज्यादा होता है।  सीमेंट, रेत, और ईंट से उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण को बढ़ाती है, जो सीधे AQI पर असर डालती है। क्षेत्र में कई छोटे उद्योग, वेल्डिंग की दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जो वायु प्रदूषण के स्तर को प्रभावित कर रहे हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि हनुमानगढ़ शहर के विभिन्न स्थानों पर मोबाइल वायु गुणवत्ता मापन वैन का उपयोग कर प्रदूषण स्तर की जांच की जानी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मापन केवल एक स्थान तक सीमित न रहकर पूरे शहर की सटीक वायु गुणवत्ता को दर्शाए। इससे सरकार और प्रशासन को सही आंकड़ों के आधार पर प्रभावी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
अगर प्रशासन इस प्रक्रिया को अपनाता है, तो इससे न केवल प्रदूषण के स्तर की वास्तविकता सामने आएगी, बल्कि यह भी स्पष्ट होगा कि CAAQMS स्टेशन को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए या नहीं।

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