राजस्थान: जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर निवेदिता मेनन पर देश विरोधी टिप्पणी करने के चलते पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले पर आंतरिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति आर पी सिंह ने कहा, ‘‘हमने मेनन और सेमिनार के आयोजन सचिव राज श्री राणावत के खिलाफ पुलिस में शिकायत दाखिल की है । हमने एक जांच टीम का भी गठन किया है जो पूरे मामले की छानबीन करेगी।’’ जेएनयू में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर मेनन पर राष्ट्रगान, राष्ट्रध्वज और देश के जवानों के अपमान का आरोप है।
ये कहा था प्रो. निवेदिता ने
- प्रो. निवेदिता मेनन ने अपने भाषण में कहा था कि सेना के जवान देश सेवा के लिए नहीं, रोटी के लिए काम करते है।
- उन्हें सियाचीन में भेज कर क्यों मरवा रहे हैं? भारत माता की फोटो ये ही क्यों है? इसकी जगह दूसरी फोटो होनी चाहिए।
- भारत माता के हाथ में जो झंडा है, वह तिरंगा क्यों है? यह झंडा देश के आजाद होने के बाद का है, पहले ऐसा नहीं था।
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- पहले इसमें चक्र नहीं था। मैं नहीं मानती इस भारत माता को। उन्होंने देश की सेना व्यवस्था, हिंदुत्व विरोधी कई बातें कही।
- इससे पूर्व जब प्रो. मेनन मंच पर आई थी तब उन्होंने खुद को देशविरोधी बताते ही अपना परिचय दिया था।
उनके इस विवादित बयान के बाद विश्वविद्यालय में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया इसके बाद ये कार्रवाई की गई। वहीं इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा बल्कि किसी दूसरे प्रोफेसर ने पिछले साल ऐसा कुछ कहा था। कार्यक्रम के दौरान उनका गलत नाम लिया गया जिस वजह से यह गलतफहमी हुई है।