– एनपीएस स्कूल में आयोजित समर कैम्प का समापन, बच्चों को किया सम्मानित
हनुमानगढ़। जंक्शन के एनपीएस स्कूल में पिछले दस दिन से चल रहे समर कैंप का समापन बुधवार को समारोह पूर्वक हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि भामाशाह राधेश्याम हिसारिया, विशिष्ट अतिथि तहसीलदार आकांक्षा गोदारा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था निदेशक अजय गर्ग ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवलित कर किया। समर कैम्प के समापन पर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये जिसे अतिथियों ने खुब सराहा। इसमे बच्चों को आर्ट एण्ड क्राफ्ट, एबेक्स, कलैग्राफी, डांस, सिंगिंग, योगा, स्केटिंग, फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, स्विमिंग, आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो, गेम्स और राइटिंग का प्रशिक्षण लिया। इसी श्रृंखला में समर कैम्प के दौरान बच्चों ने जो कुछ भी सीखा उसका प्रस्तुतिकरण दिया और स्वयं को बेहतर साबित करने का प्रयास किया। प्रिंसीपल जसविन्द्र सोढ़ी ने बच्चों को समझाया कि जो कुछ भी उन्होंने इस समर कैम्प से सीखा है उसे अपने जीवन में उतारें और अन्य लोगों तक पहुँचाने का भी प्रयास करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भामाशाह राधेश्याम हिसारिया ने कहा कि छुट्टियों में समर कैंप से बच्चों को ही नहीं, बड़ों को भी एक्टिविटी का फायदा मिलता है। जीवन में आगे बढ़ने का जुनून आता है। दूसरों की मदद करने का भाव आता है। समर कैंप में जाने वाले बच्चे स्मार्ट फोन, आईपैड जैसे गैजेट से दूर रहते हैं। कैंप में आए अन्य बच्चों से उनकी मित्रता होती है। एक नई सोच आ जाती है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है। विशिष्ट अतिथि तहसीलदार आंकाक्षा गोदारा ने बताया कि समर कैम्प से बच्चों में रचनात्मक क्रिया तो बढ़ती है साथ ही आत्मविश्वास व नेतृत्व शक्ति का भी विकास होता है। कोई भी समस्या आगे जीवन में आने पर उससे निबट ने की सोच व शक्ति विकसित होती है। बच्चे खेल-कूद आदि में हिस्सा लेते हैं, तो उनके फेफड़ों को ताजी हवा मिलती है। व्यायाम होता है। रोजमर्रा के जीवन में समय का प्रयोग कैसे करना है व ग्रुप में कैसा व्यवहार करना है यह आता है। हमेशा पढ़ते रहने वाले और टेक्नोलॉजी से जुड़े रहने वाले बच्चों को कि सी दूसरी एक्टिविटी के द्वारा थोड़ा ब्रेक मिलना भी जरूरी होता है। समर कैंप में दिमाग क्रि एटिव होता है, जो घर के वातावरण में रहकर नहीं हो सकता। क्रिएटिविटी से एक अलग ही प्रसन्नता मिलती है। कुछ देर अभिभावकों और स्कूल के टीचर की निगरानी में न रहकर बच्चे आत्मनिर्भर बन जाते हैं, जिससे आगे चलकर बच्चे अच्छे नागरिक बनते हैं । निदेशक अजय कुमार गर्ग ने कहा कि इस समर कैम्प का मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को और अधिक निखारने के साथ साथ उन्हे सक्रिय बनाना था। शिक्षा जीवन के लिए बेहद जरूरी है परन्तु उतना ही जरूरी खेल भी है। खेलों के माध्यम से बच्चों को इस समर कैम्प में बहुत कुछ सिखाया गया है साथ ही धर्म कर्म से भी जोड़ा गया है जिससे बच्चे संस्कारवान बनेगे। कार्यक्रम के अंत में समस्त प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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