इस कारण देर रात PM मोदी ने हटाया स्मृति ईरानी को पद से, पहले भी हुए थे विवाद

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार देर रात मंत्रिमंडल में चार बड़े बदलाव किए। रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल को वित्त और कॉर्पोरेट मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली का सोमवार को एम्स में गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ है। जेटली के ठीक होने तक गोयल ही वित्त मंत्रालय संभालेंगे। विवादों में घिरी स्मृति ईरानी से सूचना और प्रसारण मंत्रालय वापस लेकर राज्यवर्धन सिंह को स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है।

स्मृति के पास कपड़ा मंत्रालय रहेगा। स्मृति से दूसरी बार कोई मंत्रालय छिना है। 2016 में उन्हें एचआरडी से हटाया गया था। पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय में राज्य मंत्री एसएस अहलुवालिया को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं, अल्फॉन्स को इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मेें राज्य मंत्री के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। उनके पास अब सिर्फ पर्यटन राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार है।

स्मृति से जुड़े तीन विवाद, इसलिए लिया बड़ा फैसला
1. राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड्स समारोह का 70 से ज्यादा विजेताआें ने बहिष्कार किया। नाराजगी राष्ट्रपति के हाथों सिर्फ 11 लोगों काे सम्मान दिलवाने पर थी। हालांकि, राष्ट्रपति भवन ने कहा कि मंत्रालय को काफी पहले बता दिया था कि राष्ट्रपति सिर्फ एक घंटा रुकेंगे। मंत्रालय ने ऐन मौके पर विजेताओं को जानकारी दी। राष्ट्रपति भवन ने नाराजगी से पीएमओ को भी अवगत करवाया था।

2. फेक न्यूज पर पीआईबी की मान्यता निलंबित करने से लेकर रद्द करने तक का मानक बनाया था। पीएमओ ने 24 घंटे के भीतर ही उनका फैसला पलट दिया था।

3. चुनाव से ऐन पहले बड़ी संख्या में भारतीय सूचना सेवा के अफसरों के तबादले से इस कैडर में नाराजगी थी। शिकायतें पीएमओ तक पहुंचीं। कुछ मीडिया संस्थान भी रवैये से खफा थे।

जल्द हो सकती है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा
मंत्रिमंडल में फेरबदल को राजस्थान से जोड़कर ज्यादा देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि अब राजस्थान भाजपा को जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। पिछले 28 दिन से प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष विहीन है। 16 अप्रैल को अशोक परनामी का इस्तीफा लिए जाने के बाद नया अध्यक्ष घोषित नहीं हुआ। इस बीच भाजपा ने मध्यप्रदेश, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश में नए अध्यक्ष तैनात कर दिए हैं। अब तक अध्यक्ष पद पर नाम का फैसला केंद्र और राज्य नेतृत्व के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण अटका हुआ है। सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक ली।

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